16 नवंबर की ठंडी सुबह दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब झाड़ियों के पीछे से सड़ी-गली बदबू आने लगी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दृश्य देखा तो रोंगटे खड़े हो गए, करीब 50 वर्षीया महिला का अर्धनग्न शव पड़ा था। उसके कपड़े फटे थे, चेहरे और सिर पर तेजधार हथियार से वार के गहरे निशान थे। पास ही दो जोड़ी चप्पलें, एक पुरुषों की और दूसरी महिला की, मिट्टी से सनी पड़ी थीं। थाना महेंद्र पार्क पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया। सुराग बहुत कम थे, लेकिन घटनास्थल पर छोड़ी गई चप्पलें इस केस का पहला रहस्यमय सुराग साबित हुईं।
सीसीटीवी फुटेज में मिला शातिर शख्स
रेलवे स्टेशन और आसपास की दुकानों के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू हुई। एक कैमरे में मृतका को स्टेशन के अंदर जाते हुए देखा गया, लेकिन कुछ सेकंड बाद एक संदिग्ध शख्स भी उसी दिशा में जाता नजर आया, गुलाबी शर्ट, ग्रे पैंट और सफेद-काले स्पोर्ट्स लोगो वाली चप्पलें पहने हुए। छ मिनटों बाद वही युवक नंगे पैर वापस लौटते हुए दिखा। फुटेज की तुलना घटनास्थल से बरामद चप्पलों से की गई। मेल एकदम परफेक्ट था। यह अब साफ हो गया था कि वही युवक इस वारदात में शामिल था। अब पुलिस के सामने चुनौती थी, उस चेहरे को पहचानना और पकड़ना।
नाम सामने आया सलमान @ बोना
झुग्गियों और बस्ती में पूछताछ के बाद एक नाम सामने आया सलमान उर्फ बोना, उम्र 23, सराय पीपल थला का रहने वाला। यह वही अपराधी था जो पहले लूट, अपहरण और नाबालिग से दुष्कर्म जैसे संगीन मामलों में वांछित था और कोर्ट से फरार चल रहा था। जब पुलिस उसकी तलाश में उसके घर पहुँची, तो वह पहले ही फरार हो चुका था। उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ था, और पिछली लोकेशन भी गायब। अब पुलिस को समझ आ गया था कि यह कोई मामूली अपराधी नहीं एक साइको किलर था।
पहचान और नए सुराग
मृतका की पहचान उसके हाथ पर बने ‘सिजन’ टैटू से हुई। वह होलंबी कलां की रहने वाली थी, मानसिक रूप से अस्वस्थ और कई बार घर से गायब हो चुकी थी। जांच आगे बढ़ी तो दिल्ली पुलिस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर्स को एक गुप्त सूत्र से खबर मिल—सलमान गुजरात भाग गया है।
1100 किलोमीटर की पीछा
तुरंत एक टीम गुजरात के भरूच जिले रवाना की गई। लगातार ट्रैकिंग, स्थानीय इनपुट और गुप्त निगरानी के बाद 17–18 नवंबर की रात KBR भट्टा, वेदाच में छापेमारी हुई। चारों ओर अंधेरा था, लेकिन पुलिस के लिए यह रात निर्णायक थी। कठिन पीछा करने के बाद आखिरकार सलमान @ बोना पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने महिला को स्टेशन परिसर में अकेला देखा और हमला कर दिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू, दोनों जोड़ी चप्पलें और वही कपड़े बरामद किए गए जो उसने अपराध के वक्त पहने थे। इस तरह 1100 किलोमीटर के पीछा और लगातार जल्दबाजी भरी कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे साइको किलर को पकड़कर केस सुलझाया, जिसने निर्दोष महिला की जान ली थी। यह केस उस चप्पल की कहानी बन गया जिसने हत्यारे को बेनकाब किया।




















