कर्नाटक सरकार ने आवारा कुत्तों के काटने से हुई मौतों के मामले में मृतक परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके साथ ही आवारा कुत्तों द्वारा बार-बार काटे जाने या गहरे काले घावों वाले मरीजों को 5000 रुपये तक का मुआवजा भी दिया जाएगा। जिसमें से 3500 रुपये सीधे पीड़ित को और 1500 रुपये इलाज के लिए सुवर्णा आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट को दिए जाएंगे।
कोरोना काल के बाद तेजी से बढ़ा है आवारा कुत्तों का खतरा
राज्य में आवारा कुत्तों का खतरा कोरोना काल के बाद तेजी से बढ़ा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और सरकार चिंता में है। इस पर सरकार ने सक्रिय कदम उठाते हुए पीड़ितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। ताकि वे उपचार का खर्च उठा सकें और जीवन यापन बेहतर कर सकें। इसके अलावा, कर्नाटक सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। ताकि वे कुत्तों के काटने के मामलों में आपातकालीन इलाज बिना अग्रिम भुगतान के प्रदान करें। राज्य में आवारा कुत्तों के काटने के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए यह योजना बेहद आवश्यक और राहत प्रदान करने वाली है।
वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए उठाया गया है कदम
सरकार ने बताया कि मुआवजा योजना का उद्देश्य गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को वित्तीय सुरक्षा देना है। मुआवजा सीधे परिवार के बैंक खाते में भेजा जाएगा, जिससे आर्थिक मदद शीघ्रता से मिलेगी। इसके अलावा, पशु जन्म नियंत्रण और टीकाकरण पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित हो और लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। यह योजना कर्नाटक सरकार की मानवता और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की एक ठोस पहचान है। इससे प्रभावित परिवारों को न्याय मिलेगा और आवारा कुत्तों से होने वाले खतरे पर काबू पाने में मदद मिलेगी।




















