हरियाणा के रोहतक जिले में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में 16 साल के नेशनल-लेवल बास्केटबॉल खिलाड़ी हरदीक राठी की मंगलवार को मौत हो गई, जब प्रैक्टिस के दौरान बास्केटबॉल हूप का आयरन पोल अचानक गिर गया और उसकी छाती पर आ गिरा। गुस्से और दर्द से भरकर, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे “सरकार की लापरवाही और भेदभाव” बताया।
हादसा कैसे हुआ?
हादसा रोहतक के लखनमजरा गांव के खेल मैदान में हुआ। जहां हरदीक अकेले अभ्यास कर रहा था। लगभग 10 बजे, जब वह हूप पकड़कर डंक मारने की कोशिश कर रहा था, उस समय आयरन पोल अचानक ढह गया और छाती पर गिर गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। घटना सीसी-टीवी में दर्ज हो चुकी है। हरदीक पहले से ही नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका था — उसने कई सब-जूनियर और यूथ राष्ट्रीय चैंपियनशिपों में भाग लिया था।
हुड्डा ने साधा निशाना: खेल-इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा इससे ज़्यादा दुखद घटना नहीं हो सकती। उनकी जान इसलिए गई क्योंकि पिछले 11 सालों में हरियाणा में बीजेपी सरकार ने सभी स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए बजट रोक दिया। यह स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति उनकी बेपरवाही ही नहीं, बल्कि लापरवाही भी है। यह आपराधिक लापरवाही है। हुड्डा ने दावा किया कि वे तीन साल पहले कार्यों के लिए अपना सांसद फंड जारी करना चाहते थे, लेकिन विपक्षी सांसद होने के नाते उनके प्रस्तावों को फाइलों में दबा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव नहीं चाहता कि हरियाणा के बच्चों को खेल में आगे बढ़ने का मौका मिले। उनका कहना था कि इस सरकार ने जानबूझकर उन बच्चों और खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जो खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
इस हादसे ने हरियाणा में खेल-इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत पर नई चर्चा शुरू कर दी है। कई खिलाड़ियों, अभिभावकों और नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि राज्यों के खेल स्टेडियमों और कोर्ट्स की नियमित जाँच हो, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएँ न हों। प्रशासन ने कहा है कि इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है। कोर्ट उपकरणों की मरहमत, रखरखाव और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। खेल जगत और स्थानीय-समुदाय में हरदीक की मौत से गहरा शोक है। 16-साल का यह युवा, उसकी प्रतिभा और उसके सपने सब एक लापरवाही की चपेट में रह गए।




















