बिहार ने एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए ड्रैगन बोट नेशनल चैंपियनशिप में शानदार उपलब्धि दर्ज की है। शनिवार को आयोजित प्रतियोगिता में बिहार की पुरुष एवं महिला संयुक्त (मिक्स) टीम ने 1000 मीटर मिक्स बोट रेस में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रच दिया। वहीं पुरुष टीम ने कड़े मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 1000 मीटर रेस में कांस्य पदक अपने नाम किया। खिलाड़ियों के घर और उनके समुदायों में इस जीत को लेकर विशेष खुशी देखी गई। आदिवासी समाज की भागीदारी और प्रदर्शन ने इस उपलब्धि को और भी खास बना दिया है। बिहार अब ड्रैगन बोट खेल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर चुका है, और यह जीत भविष्य में बड़े खिताबों की उम्मीदें और भी बढ़ा रही है।
खेल जगत में उत्साह और गर्व की लहर
लगातार दूसरे दिन की इस सफलता से बिहार के खेल जगत में उत्साह और गर्व की लहर है। इस उपलब्धि में पूर्णिया जिले के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट कौशल और ऊर्जा के दम पर टीम को विजयी बनाया। पूर्णिया के जनता चौक आदिवासी टोला की रूपा तिर्की एवं करीना तिर्की तथा कसबा विधानसभा क्षेत्र के झीलटोला निवासी मनीष उरांव और आशीष सोरेन टीम के प्रमुख खिलाड़ी रहे।
पूर्णिया और बिहार के लिए गर्व
पूर्णिया रग्बी फुटबॉल एवं ड्रैगन बोट एसोसिएशन के सचिव शुभम आनंद ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूर्णिया जिले और बिहार राज्य दोनों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि बिहार ड्रैगन बोट संघ के सचिव पंकज ज्योति का मार्गदर्शन और मेहनत खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे प्रमुख स्तंभ रहा है। इस जीत के बाद खिलाड़ियों को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। शुभकामनाएं देने वालों में सीमा उरांव (पूर्व महिला आयोग सदस्या), बीरेंद्र कुमार उरांव (अध्यक्ष, पूर्णिया प्रमंडल आदिवासी छात्र एवं युवा समिति), उपाध्यक्ष विक्रम तिर्की, विकास सोरेन, अजय उरांव, नवीन लकड़ा, संजय सोरेन, अंजेश कुजूर, विपिन कुमार, वरुण कुमार, सागर उरांव, चंदन तिर्की, कमलेश तिर्की, मोनिका टुड्डू और प्रीति शामिल रहीं।



















