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अयोध्या में फहरा धर्मध्वज! जानें क्यों मंदिर निर्माण के बाद ध्वजारोहण होता है इतना महत्वपूर्ण

अयोध्या। द डेमोक्रेसी
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में ध्वजारोहण का ऐतिहासिक क्षण एक बार फिर देशभर में श्रद्धा और उत्साह का केंद्र बना हुआ है। मंदिर निर्माण के बाद यह पहला बड़ा ‘धर्म ध्वज’ समारोह है, जिसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद गहरी महत्ता है। मंदिर प्रशासन के अनुसार धर्म ध्वज की ऊँचाई 10 फीट और लंबाई 20 फीट है। इस विशाल ध्वज पर चमकते सूरज का चित्र बनाया गया है, जो भगवान श्रीराम की अपराजेय तेजस्विता, वीरता और उज्जवल भविष्य का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा ध्वज पर ॐ का चिन्ह और कोविदार वृक्ष की आकृति भी अंकित है, जिन्हें सनातन परंपरा में पवित्रता, ज्ञान और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।

ध्वजारोहण का महत्व क्या है?
धर्मध्वज केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि मंदिर के ध्वज से न केवल आस्था को बल मिलता है, बल्कि वह मंदिर परिसर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करता है। अनेक धर्मग्रंथों में ध्वजारोहण को देव उपासना का अनिवार्य अंग बताया गया है। ध्वज मंदिर के शीर्ष पर स्थापित होने से यह संकेत मिलता है कि धर्म सदैव सर्वोच्च है। यह भगवान की सत्ता, परंपरा और धर्म की जीत का प्रतीक है। अयोध्या जैसे तपोभूमि में यह परंपरा और भी अधिक दैवीय स्वरूप ग्रहण कर लेती है।

ध्वजारोहण कब किया जाता है?
मंदिर निर्माण के विभिन्न चरणों के बाद ध्वजारोहण एक शुभ संकेत माना जाता है। परंपरा के अनुसार किसी भी नए मंदिर के पूर्ण होने पर, या उसके गर्भगृह एवं शिखर सम्पन्न होने के बाद धर्मध्वज फहराया जाता है। राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह जनवरी 2024 में सम्पन्न हुआ था। उसके बाद मंदिर की सज्जा, शिखर अलंकरण और विभिन्न अनुष्ठान क्रमशः पूरे हो रहे हैं। अब जब मंदिर परिसर का बड़ा हिस्सा भक्तों के लिए उपलब्ध है और शिल्प एवं स्थापत्य पूरा होता जा रहा है, ध्वजारोहण समारोह उसी क्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

आध्यात्मिक और राष्ट्रीय भावनाओं का संगम
अयोध्या में ध्वजारोहण सिर्फ एक धार्मिक आयोजन भर नहीं, बल्कि पूरे भारत की सामूहिक आस्था का उत्सव है। लाखों भक्तों के लिए यह क्षण गर्व से भरा है, क्योंकि यह वही कालखंड है जब सदियों की प्रतीक्षा के बाद राम मंदिर का निर्माण पूरा होने की दिशा में है। धर्मध्वज का फहरना यह संदेश देता है कि भगवान राम के आदर्श-सत्य, मर्यादा और धर्म-हमेशा से सर्वोपरि रहे हैं और आगे भी रहेंगे। अयोध्या में उठता यह धर्मध्वज आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक आध्यात्मिक धरोहर बनकर रहेगा।

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