शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग और हाल के दिनों में भारत-बांग्लादेश रिश्तों में आई कथित खटास के बीच, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम रियाज हमीदुल्लाह ने सोमवार को एक बेहद महत्त्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश का संबंध किसी ‘ज़ीरो-सम गेम’ की मानसिकता से नहीं चलता, बल्कि यह भरोसे, सम्मान और साझा भविष्य की सोच पर आधारित है। उच्चायुक्त ने साफ किया कि दो बड़े, जनसंख्या-समृद्ध और भौगोलिक रूप से जुड़े देशों में चुनौतियाँ स्वाभाविक हैं, और कभी-कभी संवेदनशील मुद्दे भी उभरते हैं, लेकिन बांग्लादेश हमेशा संवाद, वार्ता और व्यवहारिकता में विश्वास रखता है।
हमारा रिश्ता साझा इतिहास और साझा संस्कृति से बना है
एम रियाज हमीदुल्लाह ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के संबंध गहरे और बहुस्तरीय हैं। हम साझा इतिहास, साझा संस्कृति और साझा भूगोल से बंधे हैं। दोनों देशों की जनता एक-दूसरे से स्वाभाविक रूप से जुड़ी हुई है। यह संबंध पारस्परिक सम्मान और भरोसे में आधारित है, न कि किसी प्रतिस्पर्धात्मक मानसिकता से। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बांग्लादेश की स्वतंत्रता के चुनौतीपूर्ण दिनों से ही भारत ने जो सहयोग दिया था, वह संबंधों की नींव में आज भी उतने ही महत्व के साथ मौजूद है।
स्थिरता और समृद्धि हमारी साझा प्राथमिकता
उच्चायुक्त ने कहा कि भारत का निरंतर सहयोग तथा दोनों देशों के बीच समझ और विश्वास को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि यही वह आधार है जिस पर हम काम करते हैं दोनों देशों में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए। उच्चायुक्त के अनुसार, बांग्लादेश एक ऐसी स्थायी साझेदारी चाहता है जो चुनौतियों को संवाद के जरिए हल करे, अवसरों का साझा लाभ उठाए, क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दे। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम रियाज हमीदुल्लाह ने कहा कि भारत और बांग्लादेश का संबंध ज़ीरो-सम गेम पर आधारित नहीं है। यह विश्वास, सम्मान और साझा भविष्य की व्यावहारिक सोच से संचालित है। बांग्लादेश ने हमेशा संवाद और व्यवहारिकता को महत्व दिया है, और हम इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए।




















