TRE-4 को लेकर लाखों अभ्यर्थी इंतजार में हैं। परंतु बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल TRE-4 को लेकर आयोग के पास कोई रिक्विजिशन प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए किसी भी प्रकार की तारीख या कार्यक्रम पर बात करना जल्दबाजी होगी। BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत तभी होती है, जब शिक्षा विभाग की ओर से रिक्विज़िशन मिलता है।
जानिए कबतक पूरी होगी प्रक्रिया
इसके बाद आयोग की औपचारिक प्रक्रिया, आवेदन आमंत्रण, परीक्षा का संचालन और रिजल्ट सहित पूरा चक्र कम से कम 2 से 2.5 महीने का होता है। उन्होंने कहा कि यदि मान लें कि दिसंबर में रिक्विजिशन प्राप्त भी हो जाए, तब भी जनवरी में परीक्षा संभव नहीं है, क्योंकि आवेदन के लिए एक महीना देना अनिवार्य होता है। वहीं फरवरी में भी बाधा है क्योंकि बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा 2 फरवरी से 27-28 फरवरी तक होती है। इस अवधि में परीक्षा केंद्र, सुरक्षा, पर्यवेक्षक आदि की व्यवस्था संभव नहीं होगी।
TRE-4 परीक्षा की संभावित स्थिति यह बनती
ऐसे में TRE-4 परीक्षा की संभावित स्थिति यह बनती है। रिक्विजिशन दिसंबर में मिला, परीक्षा मार्च में अधिक संभावित रिक्विजिशन में और देरी, परीक्षा अप्रैल के बाद ही संभव हो पाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग कभी भी बिना रिक्विजिशन के न तो परीक्षा कैलेंडर में तिथि देता है और न ही किसी प्रकार की घोषणा करता है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर निर्भर
TRE-4 को लेकर सोशल मीडिया पर फैली तारीखों की अफवाहों को भी उन्होंने गलत बताया। राजेश कुमार सिंह ने कहा कि निर्णय सरकारी स्तर से होगा। आदेश मिलते ही हम परीक्षा कैलेंडर में शामिल कर देंगे और पूरी गति से प्रक्रिया शुरू करेंगे। अभ्यर्थियों के लिए यह राहत भरी बात है कि BPSC तैयार है और कार्यक्रम में जगह भी है, परंतु अब गेंद सरकार के पाले में है। इसलिए TRE-4 की घोषणा और परीक्षा की सारी उम्मीदें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर निर्भर हैं।


















