समस्तीपुर के रोसड़ा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के ठिकानों पर निगरानी विभाग की छापेमारी जारी है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई इस कार्रवाई में अब तक करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए की अघोषित संपत्ति और कीमती दस्तावेज़ों के बरामद होने की जानकारी सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शनिवार सुबह आरोपों के आधार पर एक टीम गठित कर रोसड़ा, पटना और अन्य संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में ही कई अहम दस्तावेज़ और बैंक खातों में भारी लेनदेन का पता चला है।
40 लाख की नकदी मिली पासबुकों में दर्ज
टीम ने कार्यपालक पदाधिकारी के घर से कई बैंक पासबुक जब्त की हैं। इन पासबुकों की जांच में 40 लाख रुपये की राशि दर्ज मिली है, जिसकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले छापेमारी में अचल संपत्ति, सोने के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक आइटम और लग्जरी सामान बरामद किए गए थे, जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 16 लाख रुपये आंकी गई थी। निगरानी विभाग के अनुसार मूल्यांकन लगातार जारी है और राशि में और बढ़ोतरी की पूरी संभावना है।
मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी
जांच अधिकारी दस्तावेजों और बरामद सामानों का मिलान कर रहे हैं, ताकि आय के स्रोत और सम्पत्ति के वास्तविक मूल्य का आकलन किया जा सके। निगरानी ब्यूरो के डीजी जी.एस. गंगवार ने बताया कि छापेमारी से जुड़े सारे पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि आरोप पुष्ट होते हैं तो आगे और बड़ी कार्रवाई संभव है।
परत-दर-परत खुल रहे भ्रष्टाचार के राज
छापेमारी की इस कार्रवाई ने नगर परिषद के प्रशासनिक ढांचे में भ्रष्टाचार की एक और परत को उजागर किया है। साक्ष्यों की जांच के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। निगरानी विभाग अब जब्त दस्तावेजों के आधार पर आय और संपत्ति की तुलना, बैंक खातों की विस्तृत जांच, परिवार और नजदीकी रिश्तेदारों के वित्तीय लेनदेन की भी जांच करेगा। निगरानी विभाग की यह कार्रवाई अभी जारी है और आगे भी संपत्ति के आंकड़े बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
















