जिले के औराही पंचायत के उपमुखिया एवं वर्तमान प्रभारी मुखिया तपेश पाठक के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे से उनका कोई पता नहीं है। इसके बाद परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए सदर थाना व एसपी को आवेदन सौंपा है, जिसमें आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुखिया के लापता होने की खबर से औराही व आसपास के गांवों में दहशत और चर्चाओं का माहौल है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द उनकी सुरक्षित बरामदगी की मांग की है।
कैसे लापता हुए प्रभारी मुखिया?
परिजनों के अनुसार तपेश पाठक रामबाग स्थित एक रिश्तेदार के घर ठहरे थे। वह किसी बीमार परिजन को दिखाने पूर्णिया आए थे। बताया गया कि शाम को वह दूध लेने के लिए निकले थे लेकिन उसके बाद से वह वापस नहीं लौटे। मोबाइल चार्ज न होने पर वह पत्नी का फोन लेकर निकले थे, जो घटना के बाद से बंद है। परिजनों का दावा है कि उन्हें पहले भी जान मारने की धमकी मिल चुकी थी। यह धमकी उनके द्वारा ईंट-भट्ठा संचालन का विरोध करने के बाद मिली थी। इसी आधार पर परिवार ने अपहरण का शक जताया है।
पुलिस जांच में आया चौंकाने वाला मोड़
सदर थाना प्रभारी जमील अख्तर ने बताया कि आवेदन के आधार पर जांच की जा रही है, लेकिन इस दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। बीकोठी थाना की रिकॉर्ड में प्रभारी मुखिया स्वयं कई मामलों में वांछित हैं। बीकोठी थानाध्यक्ष संजय कुमार ने पुष्टि की है कि तपेश पाठक के खिलाफ कुछ आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस उन्हें ढूंढ रही थी। इस कारण पुलिस अब मामले को एक से अधिक एंगल से देख रही है। अपहरण, आपराधिक प्रतिशोध, खुद से छिप जाना (Self-hide), किसी विवाद से जुड़ाव।
पुलिस का बयान
आवेदन के सभी बिंदुओं पर जांच हो रही है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी। जमील अख्तर, प्रभारी थानाध्यक्ष, सदर थाना
















