पूर्णिया। द डेमोक्रेसी
नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट चौक में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। भारी आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से परेशान एक टेंट संचालक ने आत्महत्या कर ली। यह घटना न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए सदमे की बात बन गई है। मृतक की पहचान 32 वर्षीय विष्णु देव कुमार दास के रूप में हुई है। वह बालूघाट चौक निवासी मनेंद्र चंद्र दास के पुत्र थे और अपनी पत्नी संपा दास व दो साल के छोटे बेटे के साथ रहते थे। विष्णु भगवती टेंट हाउस चलाते थे और इसी से अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से कारोबार में लगातार नुकसान होने लगा और उन पर भारी कर्ज चढ़ गया। कर्ज इतना बढ़ गया था कि वह अपने कर्मचारियों को भी समय पर पैसे नहीं दे पा रहे थे। इसी तनाव के चलते वह हमेशा परेशान रहते थे और रातों की नींद भी गायब हो चुकी थी।
सुबह अपने टेंट हाउस चले गए
परिवार के अनुसार, बुधवार सुबह रोज की तरह वह अपने टेंट हाउस चले गए थे। थोड़ी देर बाद जब स्टाफ वहाँ पहुँचा तो उन्होंने देखा कि विष्णु ने अंदर ही फांसी लगा ली है। यह दृश्य देखकर कर्मचारियों ने शोर मचाना शुरू किया और मौके पर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। लोग उन्हें तुरंत फंदे से उतारकर इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच लेकर पहुँचे, मगर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पति को खोने की खबर सुनते ही पत्नी संपा दास का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनके चीख-पुकार से अस्पताल में मौजूद लोगों की भी आँखें भर आईं। परिवार का कहना है कि कर्ज और व्यापार में नुकसान के कारण विष्णु बेहद टूट चुके थे और कई दिनों से मानसिक तनाव में थे।
आर्थिक तंगी से परेशान होकर लगाई फांसी
घटना की जानकारी मिलते ही केनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। अवर निरीक्षक नेहा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम अस्पताल पहुँची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष मुन्ना पटेल ने बताया कि प्राथमिक जांच में आर्थिक तंगी से परेशान होकर फांसी लगाने की बात सामने आई है। पुलिस परिवार और टेंट हाउस के स्टाफ से बयान ले रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोग यह समझ नहीं पा रहे कि आर्थिक संकट एक परिवार की खुशियों को पल भर में खत्म कर देगा। परिवार अब इस बात से जूझ रहा है कि कंधा देने वाला व्यक्ति अब हमेशा के लिए साथ छोड़कर चला गया।
















