जिले के सदर थाना सिरिस्ता में सोमवार देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। प्रेम-प्रसंग से जुड़े एक मामले में हिरासत में लाए गए नाबालिग युवक ने फंदे से लटककर आत्महत्या करने का प्रयास किया। घटना के बाद थाने में अफरा-तफरी मच गई और पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आ गए। नाबालिग को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार नाबालिग खुशकीबाग का रहने वाला है। कुछ दिन पहले एक नाबालिग लड़की के साथ उसके भागने की शिकायत लड़की के परिजनों ने थाने में दर्ज कराई थी। उसी मामले में पूछताछ के लिए पुलिस उसे हिरासत में लेकर सदर थाना के सिरिस्ता में बैठाए हुए थी।
शौच जाने का बहाना बनाकर सिरिस्ता अंदर गया
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान नाबालिग शौच जाने का बहाना बनाकर सिरिस्ता के अंदर शौचालय में चला गया। अंदर पहुँचते ही उसने अपनी पैंट का नारा (डोरी) निकालकर फंदा बनाकर लटकने की कोशिश की। इसी दौरान सिरिस्ता में मौजूद तीन अन्य बच्चों की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनते ही पुलिसकर्मी दौड़कर मौके पर पहुंचे और फंदे से झूल रहे युवक को तेजी से नीचे उतारा।
हालत गंभीर होने के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया
फंदे के कारण नाबालिग की हालत बहुत खराब हो चुकी थी। तुरंत उसे पूर्णिया जीएमसीएच ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच में उसकी स्थिति काफी गंभीर बताई और हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की कोशिश कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीपीओ-01 ज्योति शंकर और पुलिस टीम अस्पताल पहुँची। अधिकारी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस ने दी ये जानकारी
सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि लड़की के परिजनों की शिकायत पर ही नाबालिग को थाने लाया गया था। शौचालय में उसने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की तत्परता से उसकी जान बच गई। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि अब नाबालिग की स्थिति पहले से बेहतर है। इस घटना के बाद पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की आगे जांच जारी है।
















