बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की असिस्टेंट एजुकेशन डेवलपमेंट ऑफिसर (AEDO) भर्ती परीक्षा ने आवेदन के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। आयोग के अनुसार इस बार कुल 9,80,000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, जो BPSC के इतिहास में सर्वाधिक संख्या है। वहीं, इस पद के लिए कुल 935 सीटें निर्धारित हैं। अत्यधिक आवेदन की वजह से प्रतियोगिता बेहद कड़ी हो गई है।
दिसंबर के पहले सप्ताह में परीक्षा के प्रारूप पर होगा अंतिम निर्णय
BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आयोग की बैठक दिसंबर के पहले सप्ताह में होगी। जिसमें परीक्षा के प्रारूप पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आयोग के कैलेंडर के अनुसार AEDO परीक्षा जनवरी में ही आयोजित की जाएगी और लक्ष्य है कि 15 मार्च तक अंतिम परिणाम जारी कर दिया जाए, जिससे अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।
दो या तीन चरणों में कराई जा सकती है परीक्षा
जब उनसे पूछा गया कि 9.8 लाख परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा एक ही चरण में कराना क्या संभव है? इस पर उन्होंने कहा कि इतनी अधिक संख्या को देखते हुए परीक्षा दो या तीन चरणों में कराई जा सकती है। बशर्ते आयोग मंजूरी दे। परीक्षा केंद्र पूरे बिहार में बनाए जाएंगे। दिव्यांग अभ्यर्थियों को पटना या होम सेंटर की सुविधा मिलेगी, जबकि महिलाओं को उनके गृह जिले के आसपास केंद्र आवंटित किए जाएंगे।
प्रश्नपत्र पूरी तरह सिलेबस आधारित होगा
ऋ
ऋउन्होंने स्पष्ट कहा कि “तुक्का इस परीक्षा में काम नहीं करेगा,” क्योंकि नेगेटिव मार्किंग परीक्षा को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाएगी। आवेदन शुल्क मात्र 100 रुपये होने के कारण भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। बताया गया कि वर्तमान में सेवा में लगे बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भी इस पद के लिए फॉर्म भरा है। अंत में उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि
“सिलेबस को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक प्रैक्टिस करें। परीक्षा कठिन होगी, लेकिन अवसर भी बड़ा है।”

















