बिहार में साइबर क्राइम लगातार अपनी जड़ें फैलाता जा रहा है। ताजा मामले में साईबर थाना पुलिस ने एक ऐसी ठगी को विफल कर दिया है। जो सीधे जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी यानी एसपी को निशाना बना रही थी। ठगों ने खुद को बिहार के डीजीपी विनय कुमार बताकर एसपी खगड़िया से गूगल पे पर 40 हजार रुपये की मांग की थी। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने इस साइबर फरेब के पर्दाफाश में अहम भूमिका निभाई।
कैसे शुरू हुआ मामला
10 अक्टूबर 2025 को एसपी खगड़िया के आधिकारिक मोबाइल नंबर 90318282210 पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया। संदेश भेजने वाले ने खुद को डीजीपी बिहार बताया और तुरंत 40 हजार रुपये एक गूगल पे अकाउंट में भेजने को कहा। एसपी को संदेश की भाषा और व्यवहार संदिग्ध लगा, जिसके बाद मामले की शिकायत साइबर थाना खगड़िया में की गई। पु.नि. श्वेता भारती के बयान पर कांड संख्या 42/25 दर्ज की गई और जांच की प्रक्रिया शुरू हुई।
तकनीकी जांच ने खोली राह
एसपी राकेश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष तकनीकी टीम गठित की। टीम ने मैसेज भेजे गए नंबर 8286663274 की लोकेशन, डिवाइस आईडी और उपयोग किए गए सिम कार्ड की डिजिटल ट्रैकिंग शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को पता चला कि ठगी एक संगठित साइबर गिरोह द्वारा की जा रही थी, जिसकी गतिविधियाँ वैशाली जिले में सक्रिय थीं।
छापेमारी में दो ठग गिरफ्तार
पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार ठगों की पहचान इस प्रकार है। मधुकांत कुमार, पिता ब्रह्मानंद ठाकुर, निवासी अजमतपुर वार्ड-09, थाना बैराटी, वैशाली निखिल कुमार उर्फ निखिल, पिता हेमंत कुमार पासवान, निवासी लारूई हुसैनावाद, थाना बैराटी, वैशाली पूछताछ में दोनों ने माना कि वे साइबर ठगी गिरोह के सदस्य हैं और अकसर VIP नंबरों और सरकारी अधिकारियों को टारगेट कर धमकी या लालच देकर पैसे ऐंठने की कोशिश करते थे।
गिरोह का बड़ा नेटवर्क, सिम और बैंक खाता खोलकर करते थे ठगी
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि गिरोह गरीब और अनजान लोगों को छोटे-छोटे लालच देकर उनके नाम पर मोबाइल सिम और बैंक खाते खोलवाता था। बाद में इन्हीं अकाउंट्स का इस्तेमाल फेक आईडी बनाकर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन ठगी में किया जाता था।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 मोबाइल, 2 पासबुक, 2 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड, 2 सिम कार्ड बरामद किए हैं। साइबर थाना की टीम अब गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अभियान में पु.उपा. निशांत गौरव, पु.अ.नि. चंद्रकांत कुमार, सिपाही गुलशन कुमार और सशस्त्र बल की टीम शामिल थी।
















