पटना। द डेमोक्रेसी
बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बिहार भाजपा अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल के ताजा बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। जायसवाल ने दावा किया कि INDIA गठबंधन पूरी तरह टूटने की कगार पर है, और इसके लिए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी को जिम्मेदार बताया। जायसवाल ने कहा कि पूरा INDIA गठबंधन टूटने वाला है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कोई भी वहां रहना नहीं चाहता। कल ही INDIA गठबंधन की एक बहुत बड़ी सहयोगी पार्टी ने संयोग से गठबंधन छोड़कर NDA में शामिल होने की कोशिश शुरू कर दी।” हालांकि उन्होंने उस पार्टी का नाम नहीं बताया, लेकिन उनके बयान के बाद सियासी कयासों का दौर तेज हो गया है।
गठबंधन की ओर से विरोध और सफाई
जायसवाल के बयान पर INDIA गठबंधन के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस और महागठबंधन के नेताओं ने उनके दावे को “झूठ का पुलिंदा” और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने जवाब देते हुए कहा कि भाजपा का काम ही अफवाह फैलाना है। NDA के अंदर खुद स्थिरता नहीं है, और वे उल्टा विपक्ष पर सवाल उठा रहे हैं। आरजेडी की ओर से भी बयान आया कि भाजपा लगातार विपक्षी एकता से घबराई हुई है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा को पता है कि बिहार समेत देशभर में जनता महंगाई और बेरोजगारी से नाराज है। इसलिए विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिशें तेज की जा रही हैं।
क्या सचमुच टूट रहा है INDIA गठबंधन?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी गठबंधन में कई मुद्दों को लेकर असहमति तो है, लेकिन बड़े पैमाने पर टूट की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं दिखती। उनका कहना है कि इस तरह के बयान अक्सर राजनीतिक दबाव बनाने और माहौल बदलने के लिए दिए जाते हैं।
NDA की रणनीति और 2025 की तैयारी
दूसरी ओर NDA लगातार अपने गठबंधन को मजबूत करने में जुटा है। बिहार में भाजपा-जेडीयू सरकार बनने के बाद से भाजपा नेताओं द्वारा विपक्ष पर हमले और तेज हो गए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले महीनों में गठबंधनों की राजनीति और अधिक सक्रिय होगी।
निष्कर्ष
दिलीप जायसवाल का बयान न सिर्फ सियासी अदावत को बढ़ाता है, बल्कि यह आने वाले दिनों में बिहार और केंद्र की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को भी हवा देता है। अब गेंद विपक्ष के पाले में है कि वह इस दावे का कैसे जवाब देता है और गठबंधन की एकजुटता कितनी मजबूत रख पाता है।















